कठिन लक्ष्य

कुछ तो है लक्ष्य
कुछ  तो है उद्देश्य
पर वो क्या है, विदित नहीं ।।

कोई तो है पथ
कोई तो है वीथी
कोई तो है गम्य
कोई तो है गंतव्य
पर वो क्या है, ज्ञात नहीं ।।

प्रतिशोध है या अभिलाषा, ज्ञात नहीं
भ्रमित सा हूँ मै
थोड़ा भयभीत भी हूँ मै
इन प्रश्नों पर निरुत्तर हूँ मै ।।

परिस्थिति यह नहीं कि ज्ञात नहीं,
संभवत: यह हैं कि
उत्तरों का चयन कठिन है
लक्ष्य सुदुर्गम नहीं,
पथ अनेक है,उनका चयन कठिन  है
भ्रम और यथार्थ का भेद कठिन है
मार्गदर्शको का अनुकरण  कठिन है ।।

गतिहीन रहना सरल है
पर सरल रहना कठिन है
सर्वस्व से कर्तव्यबोध कठिन है
उमंग और तरंगो का वशीकरण कठिन हैं
विहाग-गान का आनंद सरल है पर वह गान कठिन है
लक्ष्य है, उद्देश्य है, पथ है, और गम्य भी है,
पर इनका सामंजस्य कठिन है ।।

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